राष्ट्रीय क्षितिज पर सिकंदरपुर मूल के डॉक्टर मिश्र ने किया नाम रोशन

 


रिपोर्ट: विनोद कुमार

बलिया। कोरोना महामारी के इस दौर में जनपद के सिकंदरपुर तहसील के मिश्रचक के डा. अनिल कुमार मिश्र ने कोरोना इलाज में गेम चेंजर दवाई 2 डीजी का आविष्कार कर जनपद का मान बढ़ाया है। सिकंदरपुर से महज 2 किलोमीटर दूरी पर बसा एक छोटा सा गांव मिश्रचक के मूल निवासी डॉ अनिल कुमार मिश्र की प्रारंभिक शिक्षा सिकंदरपुर में ही हुई है। उसके बाद डॉ मिश्र ने हाईस्कूल और इंटर संदवापुर इंटर कॉलेज से किया। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से 1984 में एमएससी और बीएचयू वाराणसी से 1988 में रसायन विज्ञान में पीएचडी की डिग्री हासिल की। 


1997 में इंस्टीट्यूट आफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एप्लाइड साइंसेस ज्वाइन किया और 2 साल में पीएम का यंग साइंटिस्ट अवार्ड में उन्होंने हासिल किया। इस संबंध में उन्होंने बताया कि टू डीजी दवा कोरोना के हर स्टेट में कारगर है और बच्चों को भी दी जा सकती है। दवा आक्सीजन की कमी को रोकेगी। संक्रमण की संभावना को कम करेगी। वायरस पनपने के लिए गुलकोज की आवश्यकता होती है, यह दवा गुलकोज के बजाय कोशिकाओं में जम जाएगी और वायरस इसे खाते ही खत्म हो जाएगा।


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