प्रकृति वंदन ही हो जीवन का मूल उद्देश्य: धनंजय मिश्र ' भारतीय '

लालबचन तिवारी

सिकन्दरपुर। वृक्षों का रोपण करने वाला मनुष्य अतीत में जन्में पूर्वजों, भविष्य में जन्मनें वाले संतानों एवं अपने पितृवंश का तारण करता है। इसलिए वृक्षों का लगाना संतानोत्पत्ति  के समान माना गया है। उक्त वक्तव्य केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्य पत्रिका पर शोध कार्य करने वाले धनंजय मिश्र भारतीय ने स्थानीय कस्बा में स्थित श्री चतुर्भुज नाथ इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रांगण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा आयोजित प्रकृति वंदन कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता व्यक्त किए।

श्री मिश्र ने प्रकृति वंदन कार्यक्रम के जरिए वृक्षों का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए वृक्षों की रक्षा एवं सुरक्षा के लिए संकल्प दिलाएं।कार्यक्रम के दौरान चतुर्भुज नाथ इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री लालवचन तिवारी  ने प्राकृतिक वंदन कार्यक्रम के तहत वृक्षों की पूजन, अर्चन की साथ ही प्रकृति से जुड़े रहने का संदेश  भी  दिए, श्री तिवारी ने इस वैश्विक महामारी कोरोना आपदा के दौरान प्रकृति के महत्ता को उजागर किए। इस दौरान कार्यक्रम में विवेकानंद नगर शारीरिक शिक्षण प्रमुख, रंजीत रावत, विमलेश वर्मा नगर बाल प्रमुख आदि लोग मौजूद रहे।

रिपोर्ट: विनोद कुमार

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