और केवल टॉर्च की रोशनी में आधी रात को युवाओं की टीम ने पकड़ा मगरमच्छ




बलिया। गंगापुर-सुरेमनपुर गांव के नौजवानों ने आधी रात में घाघरा के छाड़न से निकलकर खेतों में विचरण कर रहे चार मगरमच्छों में से एक मगरमच्छ को पकड़ लिया।मगरमच्छ को देखने के लिए रात से ही काफी भीड़ जमा हो गई। पिछले 9 अगस्त को पहली बार बैरिया ब्लाक अंतर्गत हनुमानगंज बंधे के नीचे घाघरा के छाड़न में पशु चराने वालों ने छाड़न के किनारे चार मगरमच्छों को देखा था। गांव में दहशत फैल गई थी। इसकी सूचना वन विभाग को ग्रामीणों द्वारा दी गई थी। 13 अगस्त को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। 

वहां टीम के पहुंचने के पहले ही पड़ोसी गांव के वनरक्षक पवन तिवारी ने केवल एक मगरमच्छ को देखा था। जब वन अधिकारी ने कहा कि घाघरा के बाढ़ का पानी बढ़ने वाला है. तीन-चार दिन देख ले, पानी बढ़ जाएगा तो यह खुद ब खुद मुख्य नदी में चला जाएगा। हमारेइधर शनिवार/रविवार की दरमियानी रात हनुमानगंज से लगभग 3 किलोमीटर दूर गंगापुर गांव स्थित आवादी वाले इलाके में ओमप्रकाश यादव के बगीचे व मक्के के खेत मे स्वयं किसान ने देखा फिर  एक महिला भी मगरमच्छ को देखी। हो-हल्ला सुन गांव के अनिल वर्मा, आकाश वर्मा, धीरज वर्मा, गौतम वर्मा, विपिन आदि युवकों ने बांस व बल्ली के सहारे किसी तरह मगरमच्छ को पकड़ लिया। 

मगरमच्छ पकड़ने वाले युवकों ने क्षेत्राधिकारी बैरिया को सूचना दिया, जिससे क्षेत्राधिकारी ने बन विभाग को सूचित किया,हलाकि पड़ोसी गांव के बन रक्षक पवन तिवारी मौके पर पहुच गए। गांव के लोगों की माने तो टार्च की रोशनी में गंगापुर के आधा दर्जन उत्साही नौजवानों ने खेत को घेरने के लिए लगाई गई रस्सी से मगरमच्छ को घेरकर पकड़ लिया और बांधकर गांव में अनिल वर्मा के दरवाजे पर एक बृक्ष के सहारे मगरमच्छ को बांध दिए।

रिपोर्ट: सनोज कुमार

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