रंगोली भारतीय संस्कृति की परंपरा रही है:नरेन्द्र गुप्ता

सिकन्दरपुर(बलिया)-गांव के स्कूलों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बस जरूरत है उन्हें निखारने की। अगर बच्चों को सही मार्गदर्शन के साथ प्रोत्साहन मिले तो प्रतिभाग के मामले में देहात के बच्चे शहर के बच्चों को भी पीछे छोड़ देते हैं। इसका प्रमाण सिकन्दरपुर स्थित गंगोत्री नेशनल स्कूल में देखने को मिला । जहां छात्र-छात्राओं के लिए एक रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों के निर्देशन में स्कूल कैंपस में रंगोली सजाई । स्कूल के हर कक्ष के बाहर एवं बरामदे में रंगोली ने हर किसी को आकर्षित किया।

बच्चों की इस प्रतिभा ने शिक्षकों को भी गर्व का अहसास कराया । प्रबंधक नरेंद्र गुप्ता ने भी स्कूल का निरीक्षण कर बच्चों को प्रोत्साहित किया । कहा कि रंगोली भारतीय संस्कृति की परंपरा रही है जो प्राचीन काल से अब तक चली आ रही है, आज इन बच्चों ने जो रंगोली का रूपांकन कर अपनी प्रतिभा को दिखाया है निश्चित ही वह काबिले तारीफ है और हमें भारतीय परंपरा तथा संस्कृति को और मजबूत करने के एक स्तंभों को प्रदर्शित कर रही है ।

इस दौरान प्रबंधक ने कक्षा 8 की छात्राओं को प्रथम पुरस्कार कक्षा 7 के छात्रों को द्वितीय पुरस्कार तथा कक्षा चार के छात्र छात्राओं को तृतीय पुरस्कार प्रदान किए । राजेश कुमार गुप्ता  हीरा लाल वर्मा सहित ,मनिंदर गुप्ता, शेखर गुप्ता ,कीर्ति गुप्ता ,मदन गुप्ता ,घनश्याम प्रसाद, अजय श्रीवास्तव ,हीरा लाल वर्मा सहित छात्र छात्राओं में खुशी वर्मा , उजाला , रुपाली , आयुषी गुप्ता ,  ज्योति , नगमा परवीन , शालिनी गुप्ता , अल्ताफ , अंजलि राय , अभिषेक गुप्ता , कयामुद्दीन अंसारी , आशीष कुमार , रंजीत राजभर , अभिनंदन राजभर तथा अध्यापकों में प्रधानाचार्य राजेश गुप्ता , हीरा लाल वर्मा , सुनील वर्मा , कीर्ति गुप्ता , सलीकुन निशा आदि मौजूद रहे।


sikanderpurlive.com
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